ये है किर्गिस्तान का राष्ट्रीय नृत्य ओंगु; इसके जरिए प्रेम और देशभक्ति को दर्शाया गया

'हमारा दल भारत में दो से तीन बार प्रस्तुति दे चुका है। अब यहां भोपाल आए हैं। यहां के संग्रहालय की खास बात है कि यहां गांव और जनजातियों के परिवेश को वैसे का वैसा ही तैयार किया गया है। लगता है हम उन्हीं गांवों और जनजातियों के बीच हैं।' यह कहना है किर्गिस्तान से आईं नृत्यांगना एन्नाजरोव अएलनुरा का।


जनजातीय संग्रहालय में देशांतर समारोह के तहत उनके दल ने नृत्य की प्रस्तुति दी। एन्नाजरोव ने कहा कि हमारे यहां संग्रहालय में मुख्य तौर पर किताब और फोटो पर आधारित दस्तावेज होते हैं। इस दल ने गुरुवार को बड़ी झील और राजा भोज सेतु का भी भ्रमण किया। नृत्य प्रस्तुति भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद के सहयोग से आदिवासी लोक कला एवं बोली विकास अकादमी, मध्यप्रदेश संस्कृति परिषद की ओर से हुई।


'ताल से ताल मिला' पर कथक भी...


13 नृत्यांगनाओं ने नृत्य-संगीत की प्रस्तुति दी। किर्गिस्तान का राष्ट्रीय नृत्य ओंगु नृत्य से शुरुआत की। इसके माध्यम से देशभक्ति और प्रेम को दर्शाया। अगली कड़ी में कलाकारों ने गर्ल सीक्रेट्स डांस किया। इस समूह ने ताल से ताल मिला गीत पर कथक भी पेश किया। ओंगु नृत्य के माध्यम से देशभक्ति और प्रेम को दर्शाया